Peer Review: क्या फर्मों के लिए कब से अनिवार्य है?
पीयर रिव्यू की अनिवार्यता को लेकर कई सदस्यों की queries आई हैं। इसके लिए एक सरल प्रयास करते हुए, हम इसे आसान शब्दों में समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
निम्नलिखित मामलों में आपके पास ऑडिट शुरू करने से पहले पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है:
Phase 1
01.04.2022 से प्रभावी
यदि आप ऐसी कंपनियों का ऑडिट कर रहे हैं जिनकी इक्विटी या डेट सिक्योरिटीज भारत में या विदेश में कहीं भी लिस्टेड हैं।
Phase 2
01.04.2023 से प्रभावी था, लेकिन अब यह 01.07.2024 से अनिवार्य है
यदि आप ऐसी कंपनियों का ऑडिट कर रहे हैं जिनकी पेड-अप कैपिटल ₹500 करोड़ या उससे अधिक है, या जिनकी टर्नओवर ₹1000 करोड़ या उससे अधिक है, या जिनके आउटस्टैंडिंग लोन, डिबेंचर्स और डिपॉजिट का कुल योग ₹500 करोड़ या उससे अधिक है।
या
यदि आप ऐसी सीए फर्म हैं जो अटेस्टेशन सेवा प्रदान कर रही हैं और जिनके 5 या उससे अधिक पार्टनर्स हैं।
Phase 3
01.04.2024 से प्रभावी था, लेकिन अब यह 01.01.2025 से अनिवार्य है
यदि आप ऐसी कंपनियों का ऑडिट कर रहे हैं जिन्होंने बैंक, पब्लिक या वित्तीय संस्थाओं से ₹50 करोड़ या उससे अधिक का ऋण लिया हो, या ट्रस्ट सहित कोई भी कॉर्पोरेट जो पब्लिक इंटरेस्ट एंटिटी के अंतर्गत कवर होती हो।
या
यदि आप ऐसी सीए फर्म हैं जो अटेस्टेशन सेवा प्रदान कर रही हैं और जिनके 4 या उससे अधिक पार्टनर्स हैं।
Phase 4
01.04.2025 से प्रभावी
यदि आप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं का ऑडिट कर रहे हैं।
या
यदि आप ऐसी सीए फर्म हैं जो अटेस्टेशन सेवा प्रदान कर रही हैं और जिनके 3 या उससे अधिक पार्टनर्स हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली फर्में
Phase 4 के तहत फर्में सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी। हालांकि, Phase 2 और Phase 3 की अनिवार्यता को बार-बार टाला गया है, तो ऐसा लगता है कि Phase 4 की तिथि कम से कम एक वर्ष के लिए पोस्टपोन हो सकती है।
Phase 4 की तिथि बढ़वाने के लिए एक प्रस्तुति भी दी गई है।
आपका
सीए विजय कुमार अग्रवाल
जयपुर
9828149043
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